बेल्जियम की सिरेमिक फर्म बोच फ़्रेरेस केरामिस (Boch Frères Keramis), जिसे बाद में रॉयल बोच (Royal Boch) के नाम से भी जाना गया, का सिरेमिक डिज़ाइन में एक महत्वपूर्ण इतिहास है।
स्थापना और शुरुआती वर्ष:
1841 में ला लूविएर, बेल्जियम (La Louvière, Bélgica) में यूजीन और विक्टर बोच भाइयों (Eugène y Victor Boch) द्वारा, उनके बहनोई जीन-बैप्टिस्ट नोथॉम्ब (Jean-Baptiste Nothomb) के साथ मिलकर स्थापित की गई।
बोच परिवार की सिरेमिक में एक लंबी परंपरा थी, जो 1748 तक जाती है जब फ्रांस्वा बोच (François Boch) (विलरॉय एंड बोच के संस्थापक) ने एक सिरेमिक कंपनी शुरू की थी।
उन्होंने 1847 में बेल्जियम उद्योग प्रदर्शनी (Exposición de la Industria Belga) में स्वर्ण पदक जीता।
1860 में, उन्होंने बहुरंगी (polychromadas) टुकड़े बनाना शुरू किया।
1906 में फ्रांसीसी सिरेमिक कलाकार चार्ल्स कैटो (Charles Catteau) का कला निर्देशक के रूप में आगमन एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
कैटो और उनकी टीम ने 2300 से अधिक क्रमांकित डिज़ाइन और लगभग 550 विभिन्न आकार बनाए।
उन्होंने अद्वितीय और आकर्षक फिनिश प्राप्त करने के लिए चमक, रंगों और फायरिंग प्रक्रियाओं के साथ प्रयोग किया।
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शैली आर्ट डेको शैली
आर्ट डेको (Art Deco) नाम 1960 के दशक में पेरिस के म्यूज़ियम ऑफ़ डेकोरेटिव आर्ट्स (Musée des Arts Décoratifs) में आयोजित "लेस एनेस 25" (Les Années 25) नामक प्रदर्शनी में दिया गया था।
इस शैली के पहले नमूने 1925 में पेरिस में आयोजित "इंटरनेशनल एग्ज़ीबिशन ऑफ़ डेकोरेटिव आर्ट्स एंड मॉडर्न इंडस्ट्री" (International Exhibition of Decorative Arts and Modern Industry) में देखे जा सकते थे। यह प्रदर्शनी 1902 में ट्यूरिन और 1906 में मिलान में हुई प्रदर्शनियों की सीधी प्रतिक्रिया थी।
आर्ट डेको शैली 1920 से 1940 के बीच उभरी और यह सममित, सीधी रेखाओं, अमूर्त डिज़ाइनों और बोल्ड रंगों से पहचानी जाती है।
इसमें चर्मपत्र (pergamino), शार्क की त्वचा (एक छोटी मछली), क्रोम के टुकड़े और इनेमल जैसे विदेशी सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया। हाथीदांत और सीप के जड़नकाम (inlays) का भी उपयोग होता था।
इसके विपरीत, आर्ट नोव्यू (Art Nouveau) शैली में प्रकृति से प्रेरित असममित, घुमावदार रेखाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया था।