80 के दशक के फर्नीचर डिज़ाइन की विशेषता न्यूनतमवाद (minimalism) से एक साहसिक बदलाव था।
- इसमें नियॉन और अन्य बहुत चमकीले रंगों का इस्तेमाल किया गया था।
- फ्रांस में फिलिप स्टार्क और पास्कल मॉर्गुओ जैसे युवा डिज़ाइनर सामने आए।
- इटोरसॉट्सस द्वारा स्थापित मेम्फिस मिलानो समूह एक प्रमुख प्रतिनिधि था, जिसमें विपरीत रंगों और चमकदार सतहों वाले ज्यामितीय फर्नीचर थे।
- ज्यामितीय डिज़ाइन (विकर्ण रेखाएं, त्रिकोण, सर्पिल, वृत्त और वर्ग)।
- असबाब, कालीनों और वॉलपेपर पर फूलों और जानवरों के प्रिंट।
- संगमरमर और कांच जैसी सामग्रियों पर नालीदार सतहों ने गहराई और रुचि पैदा की।
- बड़े लैंप, दर्पण वाले फर्नीचर और ग्रीक और रोमन शैली के स्तंभों का उपयोग उस युग की बहुत ही खास विशेषता थी।